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Every student of IIST becomes so capable that the path of career becomes very easy for him. | IIST का प्रत्येक छात्र इतना क्षमतावान बन जाता है कि उसके लिए बेहद आसान हो जाती है कॅरियर की राह

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भोपालएक घंटा पहले

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12वीं के परीक्षा परिणाम के बाद अब छात्र भविष्य की राह चुनने के लिए तैयार है। ऐसे में उन्हें सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है। प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था IIST-IIP-IIMR के चीफ काउंसलर राजेश तिवारी ने विद‌यार्थियों की जिज्ञासाओं से संबंधित सवालों के जवाब और कुछ सुझाव दिए है। यहां सिलसिलेवार प्रस्तुत है…

1. आपकी नजर में शिक्षा क्षेत्र में काउंसलिंग का क्या महत्व है ?
शिक्षा के क्षेत्र में काउंसलिंग का विशेष महत्व है, क्योंकि इससे छात्रों और उनके अभिभावकों को बेहतर भविष्य के लिहाज से आवश्यक जानकारियां और मार्गदर्शन मिल पाता है। ऐसा कई बार होता है कि छात्रों और अभिभावकों को विभिन्न विषयों की गहरी समझ और उनसे जुड़े क्षेत्रों में अवसरों की जानकारियां नहीं होती हैं। इसमें काउंसलिंग विशेष भूमिका अदा करती है और छात्रों को उनकी क्षमता, रूचि और 12वीं या ग्रेजुएशन के विषय के अनुरूप आगे शिक्षा के क्षेत्र और विषयों की जानकारी मिलती है जिससे छात्र कॅरियर के लिहाज से बेहतर विषय, कॉलेज इत्यादि चुन पाते हैं।

2. यू जी और पी जी के छात्रों की काउंसलिंग करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
अंडर ग्रेजुएशन की काउंसलिंग में विद्यार्थी को अलग- अलग फील्ड के बारे में जानकारी दी जाती है जिससे छात्र अपनी रूचि के अनुसार अपना ग्रेजुएशन पूर्ण कर सके पोस्ट ग्रेजुएशन में छात्र अपने रूचि के अनुसार लिए गए विषयों में से किसी एक महत्वपूर्ण विषय में विशेषज्ञता हासिल कर अपना कॅरियर बनाता है। पोस्ट ग्रेजुएशन में छात्र उच्च श्रेणी का ज्ञान एवं व्यवसायिकता आधारित अपनी उन्नति हेतु ज्ञान प्राप्त करता है।

3. ग्रेजुएशन किस विषय के साथ करें जो एक बेहतर कॅरियर दे सके?
यदि एक सामान्य बात की जाए तो ग्रेजुएशन के सभी विषयों में ढेर सारी संभावनाएं और कॅरियर के अवसर उपलब्ध हैं। आज के परिवेश में किसी भी विषय को कम आंकना गलत होगा, छात्र का भविष्य उसकी रूचि के अनुसार लिए गए विषय एवं उसमें की गई अथक मेहनत पर प्रयासों पर निर्भर करता है। इसमें जॉब से लेकर आंत्रप्रेन्योरशिप तक में छात्र आगे बढ़ सकते हैं। परंतु यदि बात व्यक्तिगत रूप से किसी एक छात्र की करें, तो इसके लिए छात्र के 12वीं के विषय और रूचि के अनुरूप विकल्प सुझाए जाते हैं। हम IIST में बड़ी संख्या में कोर्सेज उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, स्किल डेवलपमेंट कोर्सेज और आंत्रप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की गई हैं। साथ ही IIST के उद्योग जगत के साथ मजबूत संबंध हैं जिनके जरिए छात्रों को औद्योगिक क्षेत्र का व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होता है। इससे IIST का प्रत्येक छात्र इतना क्षमतावान बन पाता है कि उसके लिए कॅरियर की राह बेहद आसान हो जाती है।

4 . क्या बीटेक करना आज भी उतना ही सही है जितना एक दशक पहले हुआ करता था?
बीटेक या बीई का अपना महत्व आज भी है। इसमें बड़ी संख्या में रोजगार और आंत्रप्रेन्योरशिप के अवसर मौजूद हैं। परंतु बीते एक दशक में अंतर यह आया है कि अब अन्य विषयों में भी अवसर बढ़ गए हैं। यहां यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि अब बीई या बीटेक में भी कई नई ब्रांचेज उभर कर आई हैं जिनमें लोगों की रूचि बढ़ी है। इसे के चलते IIST में अन्य कोर्सेज के अतिरिक्त बीई की सात ब्रांचेज में कोर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिनमें सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन, सीएस, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग शामिल हैं। देश के प्रगति पथ में हर मोड़ पर इंजीनियर की आवश्यकता होगी। निर्भर करता है कि आप लिए गए सब्जेक्ट के साथ कितना न्याय करते है। उसी अनुसार आप बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं, आई आई एस टी, आई आई पी, आई आई एम आर कॉलेज में सिलेबस के अलावा SIG – particular curiosity group के द्वारा विभिन्न टेक्नोलॉजी एवं communication ability, persona growth, gentle ability, Holistic growth इत्यादि में पूर्ण रूप से दक्ष किया जाता है, जिसके द्वारा स्टूडेंट placement के दौरान अपना लक्ष्य प्राप्त कर सके।

5. राजनीति में कॅरियर क्या एक बेहतर विकल्प हो सकता है?
देश में साक्षरता की दर बढ़ रही है। इसी कारण पढ़े लिखे युवाओं की जरूरत और रूझान दोनों ही राजनीति में बढ़ता हुआ दिख रहा है। परंतु इसे कॅरियर विकल्प के रूप में देखा जाना छात्रों की रूचि पर निर्भर करता है, क्योंकि यह क्षेत्र सफलता के लिए कड़ी मेहनत की अपेक्षा रखता है। इसके लिए आवश्यक कोर्स की बात की जाए तो पॉलीटिकल साइंस और कम्यूनिकेशन हैं। जो छात्रों को जरूरी ज्ञान उपलब्ध कराते हैं। इसके बाद व्यवहारिक ज्ञान के लिए छात्रों को लगातार समाज सेवा के कार्यों को करने की आवश्यकता होती है।

6. प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए किस तरह से तैयारी करनी चाहिए?
प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए तैयारी ग्रेजुएशन के दौरान ही शुरू की जानी चाहिए क्योंकि इसमें न्यूनतम योग्यता 21 वर्ष की आयु और किसी भी विषय में स्नातक पास या अंतिम वर्ष के विद्यार्थी हिस्सा ले सकते हैं। IIST में एस.आई.जी. के मध्यम से हम बच्चों को प्रशासनिक सेवा के लिए तैयार करते हैं। सिविल सेवा की तैयारी अधिकतम दो वर्ष में आसानी से पूरी की जा सकती है।
7. खुद को कौन से क्षेत्र में रुचि है ये कैसे जाने ?
अपनी रूचि को जानने के कई तरीके हो सकते हैं। इसमें सबसे पहले तो आप स्वयं पर ध्यान दें कि आपको सबसे अधिक खुशी किन चीजों को करने में मिलती है या यह देखें कि बचपन से अब तक आपकी उपलब्धियां किन क्षेत्रों में रही हैं। साथ ही अपने एकेडमिक, कल्चरल, स्पोर्ट्स की पसंदों पर भी ध्यान दें। आमतौर पर इनसे अपनी रूचि के बारे में जाना जा सकता है। इसके अतिरिक्त भी यदि समस्या हो तो सायकोमेट्रिक टेस्ट का सहारा लिया जा सकता है। इसके अलावा इस बात को भी तय करने की कोशिश करें की भविष्य में आप किस जगह किस तरह के माहौल में काम करना पसंद करेंगे, नौकरी या स्वरोजगार, सबंधित करियर ऑप्शन की लिस्ट बनाएं और फिर अपने करियर और कोर्स को सेलेक्ट करें, जिस क्षेत्र में आपकी रुचि होगी, उस क्षेत्र में आप काफी बेहतर कर सकेंगे, सभी क्षेत्रों की अपनी- अपनी खूबियां और खामियां हैं। कोई भी कॅरियर विकल्प सभी के लिए सही नहीं हो सकता, जो आपके लिए सही है, जरूरी नहीं कि वह आपके दोस्तों के लिए भी सही हो। अतः अपनी रुचि अनुसार ही कार्यक्षेत्र का चुनाव करे।

8. मौजूदा दौर में बच्चें खुद को सकारात्मक कैसे रखें?
वर्तमान में कोविड -19 की महामारी के कारण एक नकारात्मकता का माहौल जरूर बना है, परंतु हम जानते हैं कि प्रत्येक चीज के दो पहलू होते हैं। आज लॉकडाउन के कारण भले हमें घर में रहना पड़ रहा है, पर इस खाली समय का सदुयपयोग कर हम स्वयं को आने वाले समय के लिए तैयार कर सकते हैं। इसके लिए हम अपनी रूचि के अनुसार विभिन्न तकनीकी या कलात्मक कोर्स कर सकते हैं। जो ऑनलाइन बड़ी संख्या में मौजूद हैं। इनमें से कई मुफ्त भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा अपनी हॉबीज जैसे पेटिंग, डांसिंग, सिंगिंग, कुकिंग, राइटिंग, रीडिंग, योगा इत्यादि पर ध्यान देने का यह सबसे अच्छा समय है। ये सभी चीजें आपको सकारात्मक बनाएंगी।

Counselor’s Title: Shri Rajesh Tiwari, Chief Counselor, IIST-IIP-IIMR

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