Home Jobs Preparation to give marks to 21 lakh promoted students, Board of Secondary...

Preparation to give marks to 21 lakh promoted students, Board of Secondary Education Ajmer asked for internal marks from all schools | प्रमोट हुए 21 लाख स्टूडेंट्स को इसी आधार पर नंबर देने की तैयारी, राजस्थान शिक्षा बोर्ड ने स्कूलों से इंटरनल मार्क्स मंगाए

66
0

  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Bikaner
  • Preparation To Give Marks To 21 Lakh Promoted College students, Board Of Secondary Training Ajmer Requested For Inner Marks From All Colleges

बीकानेरthree मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बिना परीक्षा दिए प्रमोट हुए 10वीं और 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स के रिजल्ट में इंटरनल मार्क्स की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। हालांकि राज्य सरकार ने अब तक मार्किंग के लिए कोई नीति तो सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर ने प्रदेश के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों से स्टूडेंट्स के इंटरनल मार्क्स मांग लिए हैं। ऐसे में जो भी मार्किंग पॉलिसी होगी, उसमें इंटरनल मार्क्स का अहम होना तय है।

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर के उप निदेशक (गोपनीय) ने गुरुवार को ही एक पत्र सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजे हैं। पत्र में कहा गया है कि कोविड की दूसरी लहर को देखते हुए बोर्ड की परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं। बोर्ड की ओर से इन स्टूडेंट्स का परिणाम तय किया जाना है। बोर्ड ने सभी स्कूल संचालकों को 21 जून तक 10वीं व 12वीं के स्टूडेंट्स के इंटरनल मार्क्स तैयार करने के निर्देश दिए हैं। 21 जून से 28 जून के बीच सभी स्कूल इन स्टूडेंट्स के रोल नंबर के आगे वर्ष 2020-21 के सत्र की गतिविधियों के आधार पर इंटरनल मार्क्स देंगे। अगर कोई स्कूल इंटरनल मार्क्स नहीं भेजता है तो परिणाम की जिम्मेदारी उस स्कूल की होगी।

किस आधार पर देंगे
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने इंटरनल मार्क्स तो मांग लिए हैं, लेकिन ये किस आधार पर देंगे, इस बारे में स्पष्ट नहीं किया है। दरअसल, आमतौर पर टेस्ट के आधार पर इंटरनल मार्क्स स्कूल को भेजे जाते हैं। इस बार कोई टेस्ट हुआ ही नहीं। जब स्कूल ऑफलाइन शुरू हुए थे तब भी माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने टेस्ट नहीं लेने के आदेश दिए थे।

अधिकांश को मिलते हैं पूरे मार्क्स
आमतौर पर स्कूल से स्टूडेंट्स को इंटरनल मार्क्स के तौर पर सौ प्रतिशत अंक दिए जाते हैं। हर विषय के 20 नंबर होते हैं। सरकारी और प्राइवेट दोनों ही स्कूलों में बच्चों को खुले हाथ से नंबर दिए जाते हैं ताकि कमजोर स्टूडेंट पास हो सके और होनहार स्टूडेंट इंटरनल मार्क्स के कारण पीछे न रह जाए।

अभी तय नहीं है नीति
दरअसल, इंटरनल मार्क्स उस प्रोसेस का एक हिस्सा हो सकता है, जिसे सरकार ने अब तक सार्वजनिक नहीं किया है। अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि इंटरनल मार्क्स के साथ किस तरह के मार्क्स जोड़े जा रहे हैं।

अभी विकल्पों पर विचार
इस बारे में दैनिक भास्कर ने शिक्षा विभाग की प्रिंसिपल सेक्रेटरी अपर्णा अरोरा से बात की तो उन्होंने बताया कि अभी हम विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हर विकल्प को विस्तार के साथ समझा जा रहा है। सीबीएसई ने भी अब तक अपनी नीति तय नहीं की है। अभी इंतजार करना पड़ेगा। जल्द ही बता देंगे।

RBSE पिछले बोर्ड के आधार पर बना सकता है रिजल्ट:सरकार बच्चों को प्रमोट करने का फॉर्मूला तय नहीं कर पाई; एक्सपर्ट ने कहा- CBSE और RBSE के हालात अलग, पिछली क्लास के मार्क्स ही एकमात्र रास्ता

खबरें और भी हैं…

.

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here