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Rabindranath Tagore University has made its place in the top 200 institutes of the country for the second consecutive year, Director Vole – We are trying everything possible to make the future of students bright. | रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय लगातार दूसरे साल देश के टॉप 200 संस्थानों में जगह बनाई, डायरेक्टर बोले- हम छात्रों के भविष्य को उज्जवल बनाने का प्रयास कर रहे हैं

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भोपाल5 मिनट पहले

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रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्य - Dainik Bhaskar

रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्य

मध्यप्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय एक मात्र विश्वविद्यालय है। जिसने लगातार दूसरे साल देश के टॉप 200 संस्थानों में अपनी जगह हासिल की है। दो कैटेगरी- ओवरऑल रैंकिंग और यूनिवर्सिटी रैंकिंग में अपना स्थान बनाया है। आखिर इस यूनिवर्सिटी में खास क्या है, कैसे इंडिया के टॉप 200 संस्थानों में जगह बनाया है। इस पर विस्तार से चर्चा की रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के डायरेक्टर ने।

रवींद्रनाथ टैगोर विश्विद्यालय की विशेषताएं क्या हैं?
1 रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय को मोस्ट इनोवेटिव यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल इंडिया अवार्ड, बेस्ट प्राइवेट यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल इंडिया अवार्ड, हायर एजुकेशन लीडरशिप अवॉर्ड जैसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड प्राप्त हो चुके हैं। रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय के साथ एम.ओ.यू है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भी कई अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय संस्थानों में कार्यरत हैं। मध्य प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय एक मात्र विश्वविद्यालय है। जिसने लगातार द्वितीय वर्ष देश के टॉप 200 संस्थानों में अपनी जगह हासिल की है। रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय ने दो कैटेगरी- ओवरऑल रैंकिंग और यूनिवर्सिटी रैंकिंग में अपना स्थान बनाया है। आरएनटीयू भारत का पहला कौशल आधारित विश्वविद्यालय है, जो आरएनटीयू-एनएसडीसी एकेडमीज के जरिए कौशल विकास कार्यक्रम उपलब्ध करा रहा है। सभी आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित 52 एकड़ में फैला खूबसूरत कैंपस है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ कोलेबरेशन, जिससे छात्रों को अधिक जानकारियां एवं ज्ञान उपलब्ध कराया जा सके।

11 फैकल्टीज में 100 से अधिक कोर्सेज उपलब्ध है। पीएमकेके के जरिए छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान की उपलब्धता, योग्य छात्रों को मेरिट के आधार पर शिक्षा मित्र स्कॉलरशिप दी जाती है। छात्रों के प्लेसमेंट के लिए 300 से अधिक कंपनियों के साथ टाइअप जिनमें टीसीएस, पेटीएम, टेक महिंद्रा, वेदांता, जेनपेक्ट इत्यादि शामिल हैं। गत वर्ष 10.5 लाख तक के पैकेज पर छात्रों का कैंपस प्लेसमेंट हुआ।

2. विश्विद्यालय में कौन-कौन से कोर्सेज का अध्ययन कराया जाता है?
रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी विभाग में इंजीनियरिंग, एम. टेक., व डिप्लोमा कोर्सेस संचालित हो रहे हैं। कम्प्यूटर साइंस एवं आईटी, प्रबंधन, वाणिज्य, विधि, ह्यूमेनिटीज एवं लिबरल आर्ट, शिक्षा, शारीरिक शिक्षा, पैरामेडिकल, विज्ञान, कृषि, नर्सिंग, योगा, मास कम्युनिकेशन एण्ड जर्नलिज्म विभागों के यू.जी, पी.जी. व डिप्लोमा पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त रोजगारोन्मुखी सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम भी संचालित किये जा रहे हैं। माईक्रोफोकस के साथ एमओयू के तहत रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में एडवांस हाई एण्ड स्किल प्रोग्राम जैसे सायबर सिक्योरिटी, क्वालिटी इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डाटा और मशीन लर्निंग जैसे विषयों पर पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं।

3. आज के समय में छात्रों का सबसे अधिक रुझान कौन से कोर्सेज के प्रति दिख रहा है?
यदि कोविड -19 महामारी के परिप्रेक्ष्य में बात की जाए तो नर्सिंग और पैरामेडिकल के कोर्सेज की मांग बढ़ रही है। एग्रीकल्चर विषय भी छात्रों को लुभा रहा है क्योंकि इस विषय में उपलब्ध करानेवाले कॉलेज एवं विश्वविद्यालय सीमित संख्या में हैं। इन दोनों ही क्षेत्रों में तेजी से विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही है और अच्छे पैकेज भी उपलब्ध हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त बढ़ते डिजीटाइजेशन के कारण कम्प्यूटर साइंस और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी अवसर बढ़ रहे हैं, इस कारण छात्रों में इन विषयों की लोकप्रियता भी है।

4.आपके हिसाब से कॉलेज / संस्थान का चयन करते समय छात्रों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

कॉलेज चुनते समय छात्रों को कुछ मूलभूत बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसमें प्लेसमेंट की सुविधा, पढाई के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, योग्य फैकल्टी, होस्टल सुविधा इत्यादी विशेष बाते हैं जिनके आधार पर छात्रों को कॉलेज का चुनाव करना चाहिए। यहां यह बात उल्लेखनीय है कि आरएनटीयू में 10.5 लाख रुपए तक के प्लेसमेंट गत वर्ष दिए गए हैं, एआईसी-आरएनटीयू जो कि अटल इंक्यूबेशन सेंटर है के जरिए आंत्रप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दिया जा रहा है, फॉरेन लैंग्वेज और अन्य कौशल विकास (इनमें वोकेशनल कोर्सेज की श्रृंखला भी शामिल है) के बड़ी संख्या में कोर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं जो छात्रों को आवश्यक ज्ञान और जानकारियां उपलब्ध कराते हैं और उद्योग जगत की मांग के अनुरूप तैयार करते हैं।

5. भविष्य में और किस प्रकार के कोर्सेज रवींद्रनाथ टैगोर विश्विद्यालय में देखने को मिलेंगे?
फ्यूचर स्किल एकेडमी एक विशेष पहल है जिसके तहत विभिन्न संस्थानों के साथ साझेदारी में भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण हाई एंड स्किल कोर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें 1 और 2 वर्ष के सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध हैं। इसके तहत रेडहैट के साथ साझेदारी में कोर सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन, क्लाउड कम्प्यूटिंग, मिडलवेयर डेवलपमेंट, डाटा साइंस विथ पायथन प्रोग्रामिंग, डाटा साइंस विथ आर प्रोग्रामिंग में सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध हैं। माइक्रोफोकस के साथ साझेदारी में आर्टिफिशिय इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, बिग डेटा, क्वालिटी इंजीनियरिंग में सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध हैं। वहीं, एनएसडीसी के साथ साझेदारी में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, डेवऑप्स, कम्यूनिकेशन एंड मार्केटिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, क्रिटिकल रीजनिंग विषयों पर सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

6. आपके हिसाब से कौन-सी बात रवींद्रनाथ टैगोर विश्विद्यालय को सबसे अलग बनाती है?
रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में नीति आयोग के अटल इन्क्यूबेशन सेंटर का संचालन हो रहा है। यह मध्यप्रदेश के किसी निजी विश्वविद्यालय में स्थापित होने वाला पहला अटल इंक्यूबेशन सेंटर है। यहां चयनित स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक लैब और इक्विपमेंट्स जैसे आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही फंड रेजिंग के लिए भी स्टार्टअप्स का मार्गदर्शन किया जाता है। इसके तहत अब तक 16 स्टार्टअप्स को तैयार किया जा चुका है।

7 .विश्विद्यालय से पास -आउट हो रहे छात्रों के प्लेसमेंट की क्या व्यवस्था है?

छात्रों के लिए प्लेसमेंट की सुविधा को ध्यान में रख विश्वविद्यालय द्वारा प्लेसमेंट सेल स्थापित किया गया है जो लगातार उद्योग जगत से जुड़ कर कार्य करता है। इसके द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन कैम्पस की सुविधा दी जाती है। साथ ही छात्रों को कैम्पस के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और ट्रेनिंग दी जाती है जिससे छात्र पूरी तरह तैयार होते हैं और आसानी से कैम्पस सिलेक्शन प्राप्त कर पाते हैं। इसके अतिरिक्त जॉब फेयर के आयोजन की जानकारी छात्रों को नियमित रूप से दी जाती है जिससे उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त होते है।

8.Covid-19 को ध्यान में रखते हुए विश्विद्यालय में सुरक्षा के लिहाज़ से क्या कदम लिए गए हैं?

कोविड 19 के मद्देनजर सुरक्षा के लिहाज से विश्वविद्यालय द्वारा अनेक कदम उठाए गए हैं। इसमें प्रमुख रूप से नियमित कैम्पस को सेनिटाइज कराया जाता है, प्रत्येक व्यक्ति के लिए मास्क आनिवार्य कर दिया गया है और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया जा रहा है। इसके अलावा छात्रों की सुविधा के लिए एडमिशन प्रोसेस को 100 प्रतिशत ऑनलाइन कर दिया गया है। साथ ही आवश्यकता अनुसार ऑनलाइन क्लासेज, ऑनलाइन एग्जाम और ऑनलाइन कैम्पस प्लेसमेंट की सुविधा दी जा रही है।

9. इस महामारी के बाद जब बच्चे विश्वविद्यालय में प्रवेश करेंगे तो उनकी मानसिक स्वास्थ्य के लिए आप क्या नीति अपनायेंगे?
मानसिक स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण पहलू है इसलिए विशेषज्ञ काउंसलर्स विश्वविद्यालय में नियुक्त किए गए हैं जो छात्रों को किसी भी परेशानी में पूरी सहायता करते हैं। इसके अलावा संस्थान विभिन्न सेमीनार एवं ऑनलाइन वेबीनार का भी आयोजन करता है जिसमें देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल होते हैं। इसमें छात्र अपनी परेशानियों को साझा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त पिछले वर्षों में विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आईसीThree में हिस्सा लिया था जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया गया था। इसमें देश- विदेश के सायकोलॉजिस्ट छात्रों से रूबरू हुए थे।
10. उन छात्र – छात्राओं के लिए आप क्या संदेश देना चाहेंगी जो रवींद्रनाथ टैगोर विश्विद्यालय में प्रवेश लेने वाले हैं?

रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के जरिए हम उद्योग जगत के लिए अनुभवी, प्रेरित और जिम्मेदार प्रोफेशनल्स को तैयार करने का सपना देखते हैं जो भविष्य में देश के शीर्ष पदों पर रहकर देश को आगे बढ़ाएंगे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए संस्थान में कई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए गए हैं और देश-विदेश के विभिन्न शोध संस्थानों जैसे सीएसआईआर, एनआईटीटीटीआर आदि के साथ साझेदारी एवं सहयोग किया जा रहा है। प्लेसमेंट के लिए भी बड़ी संख्या में देश की शीर्ष कम्पनियों के साथ साझेदारी की गई है। परंतु हमारा ध्येय आंत्रप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देकर स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। इसके लिए एआईसी- आरएनटीयू, ड्रीम स्टार्टअप चैलेंज जैसी कई पहल की जा रही हैं। इस प्रकार रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय वह हरसंभव प्रयत्न कर रहा है जो छात्रों के भविष्य को उज्जवल बना सके।

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